Supreme Court Notice to EC: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान फॉर्म-6 में बदलाव किए जाने के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। तृणमूल कांग्रेस की सांसद डोला सेन की ओर से दाखिल याचिका में दावा किया गया है कि चुनाव आयोग ने अदालत की मंजूरी के बिना फॉर्म-6 में बदलाव किए और अपने प्रेस नोट में इसके लिए सुप्रीम कोर्ट की अनुमति होने की बात कही। इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि अदालत मामले की जांच करेगी। चुनाव आयोग के प्रेस नोट पर उठे सवाल लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के सामने याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. मेनका गुरुस्वामी ने दलीलें रखीं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के प्रेस नोट में कथित तौर पर यह संकेत दिया गया कि फॉर्म में किए गए बदलावों को सुप्रीम कोर्ट ने अधिकृत किया था। गुरुस्वामी ने आयोग के जवाब का हवाला देते हुए कहा कि उनके आरोपों से जुड़े कई बिंदुओं को उसमें स्वीकार किया गया है। इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि अदालत मामले की जांच करेगी और नोटिस जारी किया जा रहा है। चुनाव आयोग ने आरोपों पर क्या कहा? चुनाव आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने इन दलीलों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान किसी अन्य उद्देश्य से दिए जा रहे हैं और इन्हें अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। पीठ ने जवाब दाखिल करने की प्रक्रिया पर भी बात की और पूछा कि क्या आयोग को जवाब के लिए 10 दिन का समय चाहिए। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष ने भी आयोग के हलफनामे पर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। अब 17 नवंबर को सुनवाई की संभावना आयोग ने अपने पक्ष में कहा है कि SIR से जुड़े आदेश सर्वसम्मति से पारित हुए थे। उसके मुताबिक, फॉर्म-6 में कोई संशोधन नहीं किया गया है और उसमें बदलाव करने का अधिकार केंद्र सरकार के पास है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि SIR के दौरान मतदाताओं से लिया जाने वाला घोषणा पत्र फॉर्म-6 से अलग दस्तावेज है। फॉर्म-6 विवाद पर जांच जारी फॉर्म-6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में नया नाम जुड़वाने के लिए किया जाता है। इसमें आवेदक की पहचान, जन्मतिथि और पते जैसी जानकारियां ली जाती हैं। मामले में अगली सुनवाई 17 नवंबर को होने की संभावना है। अब अदालत की जांच से स्पष्ट होगा कि फॉर्म-6 और SIR से जुड़े आरोपों पर आगे क्या रुख सामने आता है। ये भी पढ़ें: दुश्मन के ड्रोन से लेकर हवाई हमलों तक! ₹2.12 लाख करोड़ की खरीद से सेना को मिलेगी नई ताकत